रात को झूठे बर्तन रखने से क्या होता है? Raat ko jhuthe bartan kyon nahi rakhne chahiye?

रात का खाना खाने के बाद बर्तन झूठे क्यों नहीं छोड़ने चाहिए? रात को झूठे बर्तन छोड़कर सोना क्यों अशुभ होता है? रात को झूठे बर्तन क्यों नहीं रखना चाहिए? रात के बर्तन रात को ही साफ़ करने चाहिए, ऐसा क्यों? रात को झूठे बर्तन रखने से क्या होता है? Raat ko jhuthe bartan kyon nahi rakhne chahiye?

हमारे यहां दैनिक कार्यों से जुड़ी भी अनेक परंपराएं बनाई गई है। जैसे सुबह जल्दी उठना, नहाने के बाद ही मंदिर जाना या पूजा करना, शाम के समय सफाई नहीं करना व रात को झूठे बर्तन नहीं छोडऩा आदि। हमारे यहां बनाई गई ऐसी हर एक परंपरा के पीछे कोई ना कोई वैज्ञानिक कारण भी जरूर छूपा होता है।

 

हमारे शास्त्रों के अनुसार रात्रि को झूठे बर्तन छोडऩा निषिद्ध माना गया है। क्योंकि इससे घर की सुख व समृद्धि नष्ट होती है और साथ ही घर में अलक्ष्मी का वास होता है।

इसके पीछे वैज्ञानिक कारण यह है कि रात को घर में झूठे बर्तन रखने से उन बर्तनों में छोटे-छोटे बैक्टिरिया जन्म ले लेते हैं और रातभर में इनकी संख्या तेजी से बढऩे लगती है। सुबह इन बर्तनों की सफाई करने पर भी इनमें बैक्टिरिया रह जाते हैं जो बीमारियों का कारण बनते हैं।

साथ ही अगर वास्तुशास्त्र के दृष्टीकोण से भी रात्रि को घर में बर्तन रखना शुभ नहीं माना जाता है क्योंकि इससे घर में नकारात्मक ऊर्जा बढऩे लगती है और सकारात्मक ऊर्जा कम होने लगती है। इसलिए ऐसी मान्यता है कि रात को झूठे बर्तन नहीं छोडऩा चाहिए।

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