एशिया के इस देश में सबसे पहले समलैंगिक कानून को मिलेगी मंजूरी

ताइवान के High Court द्वारा बुधवार को देश में समलैंगिक विवाह को कानूनी मान्यता देने की खबरें आ रही है। अदालत ने कहा है कि इस समय जो कानून लागु है उससे नागरिकों के विवाह और समानता के संवैधानिक अधिकारों का उल्लंघन हो रहा है।


अदालत ने दो साल का वक़्त देते हुए संसद को अपने नागरिक संहिता के प्रावधानों को बदलने का आदेश दिया है। मजुदा कानून के अनुसार केवल एक पुरुष और एक महिला के बीच शादी होनी चाहिए। परन्तु अब इसमें बदलाव करने की कोशिश की जा रही है.

समलैंगिक विवाह को कानूनी मान्यता मिलते ही ताइवान एशिया का समलैंगिक विवाह को वैध बनाने वाला सबसे पहला देश बन जाएगा। माना जाता है कि नया कानून सामाजिक स्थिरता लाने और ताइवान के नागरिकों की गरिमा की रक्षा करने में कारगर सिद्ध होगा।

अब तक LGBTQ अधिकार आंदोलनों में ताइवान ही हमेशा सबसे आगे रहा है। राष्ट्रपति Tsai Ing-Wen अपने विचार कई बार समलैंगिकता के पक्ष में रख चुके हैं। परन्तु अभी भी कुछ रूढ़िवादी समूह इस प्रकार कानून में बदलाव होने का विरोध करते रहे है।

फिलहाल सरकार ने यह नहीं बताया है कि क्या वह सांसदों को समलैंगिक विवाह को मान्यता देने के बारे में फैसला करने की अनुमति देगी या नहीं।

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