Mar 11, 2017

आइये जानते है कि एक ही गौत्र में शादी क्यों नहीं करते हैं - Shadi se judi baaten

आपने देखा होगा कि जब किसी लड़के और लड़की का रिश्ता पक्का किया जाता है तो इससे पहले लड़का और लड़की पक्ष वालों के गौत्र मिलाए जाते है. जब कोई गौत्र मेल नहीं खाता है तो रिश्ता पक्का कर दिया जाता है और यदि किसी का गौत्र मिल जाता है तो यह रिश्ता नहीं किया जाता है.

 

क्या कभी आपने सोचा है कि ऐसा क्यों किया जाता है? आइये आज इस पोस्ट पर इसके बारे में जानकारी लेते है.

गौत्र मिलान और कुंडली मिलान

हिंदू धर्म में शादी से पहले गौत्र मिलान और कुंडली मिलान की परंपरा है कुछ लोग इस प्रथा को अंधविश्वास मानकर टाल देते हैं तो कुछ लोग इसे सही मानते हैं। दरअसल, यह कोई अंधविश्वास नहीं है। इसके पीछे धार्मिक कारण ये है कि एक ही गौत्र या कुल में विवाह होने पर दंपत्ति की संतान अनुवांशिक दोष के साथ पैदा होती है।

ऐसे दंपत्तियों की संतान में एक सी विचारधारा, पसंद, व्यवहार आदि में कोई नयापन नहीं होता। ऐसे बच्चों में रचनात्मकता का अभाव होता है। विज्ञान द्वारा भी इस संबंध में यही बात कही गई है कि सगौत्र शादी करने पर अधिकांश ऐसे दंपत्ति की संतानों में अनुवांशिक दोष यानी मानसिक विकलांगता, अपंगता, गंभीर रोग आदि जन्मजात ही पाए जाते हैं। शास्त्रों के अनुसार इन्हीं कारणों से सगौत्र विवाह पर प्रतिबंध लगाया था।


loading...
loading...

Popular Posts This Month

All Time Popular Posts

Facebook Likes

Back To Top