फागुन का है मस्त महीना झूम रहे सब मस्ती में Fagun ka mast mahina jhum rahe sab masti me

फागुन का है मस्त महीना
झूम रहे सब मस्ती में
कैसी मस्त बयार चली है
बरस रहा रंग बस्ती में.
===================

खा के गुजिया, पीके भंग,
लगा के थोड़ा, थोड़ा सा रंग,
बजा के ढोलक और मृदंग,
खेले होली हम तेरे संग,
होली मुबारक हो!
===================

फ़ागुन का महीना, वो मस्ती के गीत;
रंगों का मेल, वो नटखट सा खेल;
दिल से निकलती है ये प्यारी सी बोली;
मुबारक हो आपको ये रंग भरी होली!!
===================

राधा का रंग और कन्हैया की पिचकारी;
प्यार के रंग से रंग दो दुनिया सारी;
ये रंग न जाने कोई जात न कोई बोली;
मुबारक हो आपको रंग भरी होली!!
===================

सोचा किसी अपने से बात करें;
अपने किसी ख़ास को याद करें;
किया जो फैसला होली मुबारक कहने का;
तो दिल ने कहा क्यों ना आपसे शुरुआत करें;
होली मुबारक !!