बूढ़े माता - पिता को घर में रहने दो Budhen mata - pita ko ghar me rahne do

प्यारे दोस्तों माँ - बाप हमारे लिए जितना कुछ करते है उसको मैं शब्दों में लिख सकूँ इतनी मेरी हसियत नहीं है. यहाँ मैं सिर्फ इतना ही कह सकता हूँ कि माता - पिता बच्चे की हर मांग को पूरा करने की कोशिश करते है. चाहे उनके शरीर के कपडे तक बिक जाएँ लेकिन वो अपने बच्चे को किसी चीज के लिए तरसता हुआ नहीं देख सकते है.


वो खुद भूखे रह सकते है लेकिन अपने बच्चे का भरपूर पालन - पोषण करते है. इसका आभाष हमें तब होता है जब हम स्वयं कमाने लगते है. एक माता - पिता अपने सभी बच्चों का पेट भरते है उनकी सभी इच्छाओं को पूरा करते है लेकिन बड़े होने पर वो सभी बच्चे अपने माता - पिता को बोझ समझने लगते है जबकि उन्हें सिर्फ दो वक्त की रोटी ही चाहिए होती है. वो बुढ़ापे में भी आपके लिए काम करते है ज्यादा नहीं तो आपकी गैर हाजिरी में आपके बच्चों की और घर की देखभाल तो करते ही है. माता - पिता भगवान का दूसरा रूप है इनको अनदेखा करना भगवान को अनदेखा करना है इन्हें कष्ट पहुँचाना भगवान को कष्ट पहुँचाना है. हम अपने बच्चों से जो इच्छाएँ रखते है यदि वो उन्हें पूरा ना करें तो हमारे दिल पर क्या गुजरेगी, ये सोचकर आप उनके बारे में सोचिए उन्हें भी आपसे कुछ इच्छाएँ जरुर रखी होंगी. दोस्तो पेड़ बूढा ही सही, आंगन में रहनेदो, फल न सही, छाव तो अवश्य देगा. ठीक उसी प्रकार माता-पिता बूढे ही सही, घर में ही रहने दो, दोलत तो नहीं कमा सकते, लेकीन आपके बच्चों को संस्कार अवश्य देंगे. 
शिक्षा - आप जीवन में सफलता पाने के लिए कितनी मेहनत करते हो कभी आपने सोचा है कि आपका जन्म कैसे सफल होगा. दोस्तों माँ बाप की सेवा करो तभी आपका जन्म सफल होगा।।