एक बै एक बटेऊ ससुराल गया - Padhen Haryanvi Jokes aur SMS

प्रिय दोस्त यदि आप हरयाणवी जोक्स पढ़ने के इच्छुक है तो आप इस पोस्ट पर अपनी इस इच्छा को पूरा कर सकते हो. क्योंकि हम आपके लिए हरयाणवी जोक्स और एस एम एस लेकर हाजिर हुए है. आप इस वेबसाइट पर दिए गए सभी जोक्स और एस एम एस बिना किसी शुल्क के पढ़ सकते हो....

दूध की घेट्टी पकड कै ल्यावै सै !!

एक बै बेद आपणी सुसराड़ गया । सुसराड़ मैं बटेऊ खास हो ए सै, तै उसकी सास्सू उस खात्तिर दूध ल्याई - एक खास शीशे के गिलास मैं (खास न्यूं अक पहल्यां शीशे के गिलास खास लोगां ताहीं बरते जाया करते)।

गिलास कत्ती कान्यां ताहीं का भर राख्या था । बेद नै शीशे का गिलास कदे देख्या ना था । वो आपणी सास्सू तैं बोल्या: दूध नै क्याहें मैं घाल तै ले आंदी, इसकी घेट्टी पकडे ल्याण लाग री सै !!
*****************************************
ऊत बटेऊ की ऊत सास

एक बै एक बटेऊ ससुराल गया । पहले ससुराल में साग-सब्जी, बूरा आदि में जब तक घी की धार डालते रहते थे जब तक कि मेहमान हाथ आगे कर के "बस, बस" कर के रोकता नहीं था । जब सास बूरा में घी डाल रही थी, तो बटेऊ परे-नै मुंह कर-कै बैठ-ग्या - कदे "बस-बस" ना करना पड़ जावै ।

पर सासू भी कम चालाक नहीं थी । वो उसका मुंह वापस घी-बूरा की तरफ घुमा कर उसको दिखाती हुई बोली - "रै देख, बटेऊ जितणा तै दिया सै घाल, अर पहलवानी करणी सै तै आपणै घरां जा के करिये" !!