प्रार्थना - ऐ मालिक तेरे बंदे हम - Prarthna - A malik tere bande hum

प्रिय दोस्त इस पोस्ट पर आप "ऐ मालिक तेरे बंदे हम" नामक प्रार्थना पढ़ सकते हो. इन्सान सिर्फ लोभ, लालच, धन और मोह में फसकर भगवान से दूर होता जा रहा है. लेकिन जिस मालिक ने हमें बनाया है उसका सिमरन करना भी बहुत जरुरी है.

अपने दिन भर के काम की शुरुआत करने से पहले हमें भगवान की प्रार्थना करनी चाहिए:-

ऐ मालिक तेरे बंदे हम , ऐ मालिक तेरे बंदे हम.
ऐसे हो हमारे करम, नेकी पर चलें,  और बदी से टलें.
ताकि हंसते हुये निकले दमऐ मालिक तेरे बंदे हम ........
जब ज़ुलमों का हो सामना, तब तू ही हमें थामना.
वो बुराई करें, हम भलाई भरें, नहीं बदले की हो कामना.
बढ़ उठे प्यार का हर कदम, और मिटे बैर का ये भरम.
नेकी पर चलें और बदी से टलें, ताकि हंसते हुये निकले दम ऐ मालिक तेरे बंदे हम ........
ये अंधेरा घना छा रहा, तेरा इनसान घबरा रहा.
हो रहा बेखबर, कुछ न आता नज़र, सुख का सूरज छिपा जा रहा.
है तेरी रोशनी में वो दम, जो अमावस को कर दे पूनम.
नेकी पर चलें और बदी से टलें, ताकि हंसते हुये निकले दम ऐ मालिक तेरे बंदे हम ........
बड़ा कमज़ोर है आदमी, अभी लाखों हैं इसमें कमीं.
पर तू जो खड़ा, है दयालू बड़ा, तेरी कृपा से धरती थमी.
दिया तूने हमें जब जनम, तू ही झेलेगा हम सबके ग़म.
नेकी पर चलेंऔर बदी से टलें, ताकि हंसते हुये निकले दम ऐ मालिक तेरे बंदे हम ........
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