गलत ट्रैफिक चालान से बचे Galat trafic chalan se bache

ट्रैफिक चालान से बचने के लिए आमतौर पर लोग या तो नियम तोड़ने का स्पष्टीकरण देते हैं या कुछ ले-देकर मामला सेट करने की कोशिश करते हैं। ऎसा लोगों को कानून की सही जानकारी नहीं होने के कारण होता है।
आइए जानते हैं कुछ ऎसी खास बातों के बारे में जिन्हें जान कर आप अपने आपको गलत ट्रैफिक चालान से बचा सकते हैं।


कोई भी हैडकॉन्सटेबल/ कॉन्सटेबल नहीं काट सकता ट्रैफिक चालान: अक्सर ट्रैफिक चालान कांस्टेबल या हैडकांस्टेबल के द्वारा काटा जाता है। सबसे पहली बात यही है कि इन्हें चालान काटने की पॉवर नहीं है। आमतौर पर इनके पास पहले से उच्च पदाधिकारियों की साइन की हुई चालान बुक होती है जिसमें यह आपका नाम, व्हीकल नं. आदि लिख कर चालान तैयार करते हैं।

इन नियमों को तोड़ने के लिए भी नहीं हो सकता ट्रैफिक चालान: हैडकांस्टेबल को कुछ खास ट्रैफिक रूल्स वॉयलेशन के लिए भी चालान काटने का अधिकार नहीं है। इसके लिए उसे अपने से उच्चाधिकारी को मौके पर बुलाना होगा। इन अपराधों में खतरनाक तरीके से ड्राइविंग करना, ड्रिंक करके ड्राइविंग करना, पुलिस ऑफिसर्स के रोकने पर भी नहीं रूकना, तेज रफ्तार से गाड़ी चलाना, मोबाइल पर बात करते हुए गाड़ी चलाना शामिल है। इनमें से किसी भी अपराध के लिए हैडकांस्टेबल आपका चालान नहीं काट सकता। वरन इसके लिए उसे आपकी गाड़ी का नंबर व अन्य डिटेल्स नोट करके नोटिस ब्रांच को भेजनी होती है जिसके बाद ही कोई कार्यवाही संभव होती है। याद रहें सिर्फ आपकी गाड़ी के नंबर के आधार पर चालान नहीं काटा जाता वरन उसका कलर, कंपनी नेम, मॉडल आदि डिटेल भी चाहिए होती है जिसके बिना चालान को अवैध माना जा सकता है। ट्रैफिक चालान के लिए खड़े कांस्टेबल व्यावसायिक वाहनों को भी चालान के लिए या ट्रैफिक रूल्स तोड़ने के लिए नहीं रोक सकता। वह केवल और केवल उनके नंबर नोट करके उनकी फोटोग्राफ खींच कर उन्हें नोटिस ब्रांच भेज सकता है।

गलत ट्रैफिक चालान कटने पर ये करें उपाय: ट्रैफिक पुलिस ने सभी यातायात चौराहों तथा अन्य स्थानों पर सीसीटीवी लगा रखे हैं। इनकी मदद से सड़क सेफ्टी के नियम तोड़ने वालों पर नजर रखी जाती है और उन्हें दंडित किया जा सकता है। पुलिस इन्हें आपके खिलाफ सबूत के रूप में भी इस्तेमाल कर सकती है। फिर भी कई बार पुलिस कांस्टेबल सीसीटीवी से नजरों से दूर खड़े होकर चालान काटते हैं और उनके पास आपके नियम तोड़ने का भी कोई प्रुफ नहीं होता है। ऎसे में आप चाहें तो इस चालान को हाईकोर्ट में चैलेंज कर सकते हैं। हाईकोर्ट आपकी बात सुनेगा और संबंधित अधिकारियों को गलत चालान के लिए दंडित करेगा।