मदद किसकी करे - Madad kiski karen - Whose help?

अगर आपके मन में ये चोथी बात आती है कि मैं मदद करू तो किसकी करूँ। क्योंकि अपनों की मदद करने वाले तो बहुत मिल जाएँगे लेकिन अगर किसी अन्य की मदद करें तो वो और भी अच्छा काम है।


क्योंकि मदद करने के लिए कभी किसी रिश्ते, जात या धर्म के बारे में ना सोचे। तहे दिल से किसी की मदद करें। लोग क्या सोचेंगे ये सोचने में समय व्यर्थ न करें।  क्योकि सोच समझ के कि गई मदद, मदद नहीं होती वो स्वार्थ में बदल जाया करती है।  अतः मदद करनी हो तो निस्वार्थ करे।  उसमे अपना भला मत सोचिये। आपका भला भगवान करेगा।

आशा करता हूँ मेरे विचारो ने आपका दिल नहीं दुखाया हो। अगर फिर भी किसी कि भावनाओ को ठेस पहुची हो तो अपने मन से आपसे माफ़ी चाहता हूँ। लेकिन ये एक बार फिर कहूँगा की जहां भी मौका मिले मदद जरुर करें।

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