प्रार्थना करके मदद करे - Prarthana karke madad karen.

हमारे देश में हमें ऐसे संस्कार दिए जाते है कि जब भी हमें रास्ते में कोई मंदिर मस्जिद गुरुद्वारा दिखायी देता है


हम अपना सिर झुका कर भगवान् के सामने नतमस्तक हो जाते है।  लेकिन मेरी आपसे ये गुजारिश है कि अगर आपके सामने कोई मंदिर, मस्जिद या गुरुद्वारा आए तो चाहे आप अपना सिर न झुकाये लेकिन अगर आपके सामने से कोई एम्बुलेन्स जा रही हो तो एक बार उसमे बैठे मरीज के लिए दुआ में अपने हाथ जरुर उठाइये।

आप तो जानते ही है कि हम ऐसे देश के वासी है जहा दवाओ से ज्यादा दुआए असर करती है।

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