सोने का तरीका क्या कहता है - Sone ka tarika kya kahta hai.

सोने का तरीका क्या कहता है, Sone ka tarika kya kahta hai, What is say the way to sleep.

समुद्रशास्त्र में सोने के तरीकों का भी वर्णन है। सोना हर प्राणी की जिंदगी का एक अहम हिस्सा है, क्योंकि इसके बगैर जिंदगी की गाड़ी आगे बढ़ ही नहीं सकती।


हर व्यक्ति के सोने का तरीका अलग-अलग होता है और उनका यही तरीका उनके बारे में कई मजेदार बातें भी बताता है। आइए, जानें आपके सोने का तरीका आपके बारे में क्या-क्या कहता है।
  • जो अपने पैरों को क्रॉस करके सोते हैं वे अपने ही धुन में रहते हैं। वे चाहते हैं कि उन्हें उनके हाल पर छोड़ दिया जाए। उन्हें अपने हालात पर दूसरों की दखलअंदाज़ी पसंद नहीं।
  • जो लोग अपने हाथ और पैर सिकोड़कर सोते हैं वे हर वक्त किसी न किसी भय से घिरे होते हैं। इन्हें अनजान लोगों के साथ घुलना-मिलना बिल्कुल भी अच्छा नहीं लगता। इस तरह सोने वाले लोग हर वक्त चिंतित नजर आते हैं।
  • जो पेट के बल, चेहरे को साइड करके और हाथ तथा पैर स्ट्रेच करके सोते हैं वह बिंदास किस्म के होते हैं। आप इन्हें स्वभाव से बहिर्मुखी कह सकते हैं। ये मस्तमौला लेकिन सेंसिटिव होते हैं। दोस्ती करने के मामले में ये काफी सोच-समझकर हाथ आगे बढ़ाते हैं। ये चाहते हैं कि जैसा वह सेचते हैं दुनिया उसी तरह से काम करे।
  • एक साइड होकर करवट लेते हुए जो सोते हैं, वे किसी से भी मिक्स होने में ज़रा टाइम लेते हैं। ये बाहर से सख्त, लेकिन अंदर से बेहद सॉफ्ट मिजाज के होते हैं।
  • जो पीठ के बल, लेकिन दोनों हाथ ऊपर करके सोते हैं उनके बारे में कहा जाता है कि वे किसी भी बात को बड़े ध्यान से सुनते हैं। इन्हें किसी की मदद के लिए आगे आना अच्छा लगता है।
  • बिल्कुल सीधा होकर पीठ के बल सोने वाले लोग काफी मह्त्वकांक्षी होते हैं। ये किसी भी काम को बेहतर और अनोखे ढंग से करना पसंद करते हैं और सफलता इनके कदम चूमती है। हर चीज समय से और सही ढंग से करने की इन्हें सनक सवार रहती हैं। ऐसे लोग चुप रहने वाले और रिजर्व्ड होते हैं। इन्हें कुछ भी गलत बर्दाश्त नहीं होता। इन्हें आप आदर्शवादी कह सकते हैं।
  • कई लोग ऐसे होते हैं जो सोने से पहले अपना पैर हिलाते हुए सोने की कोशिश करते हैं। ऐसे लोग हमेशा अपने परिवार के बारे में सोचते रहते हैं। उनके लिए कुछ न कुछ करने की इच्छा उनमें हमेशा होती है।
  • जो लोग हाथ बाहर की ओर फैलाकर सोते हैं, वे जरूरत से अधिक अपने काम का रिजल्ट चाहते हैं। उन्हें हर सुबह यही लगता है कि उनके पास करने को इतना कुछ है जितना किसी और के पास नहीं।
  • हाथ और पैरों में तकरीबन नब्बे डिग्री का एंगल बना कर सोने वाले लोग थोड़ा अलग हटकर होते हैं। ये आसानी से किसी चीज को नहीं स्वीकारते हैं और अगर एक बार स्वीकार कर लेते हैं, तो फिर उसे नहीं छोड़ते हैं। फैसले लेने के मामले में लेट-लतीफ होते हैं।
  • अपने हाथ अपने सर के समानांतर करके सोने वाले लोग सही मायने में बहुत ज्यादा शालीन कहे जाएं तो अतिशयोक्ति न होगी। ऐसे लोग धैर्य से दूसरे लोगों की बात सुनते हैं और जरूरत पड़ने पर उनकी पूरी सहायता करते हैं।

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