आपको दिमाग चाहिए या भाग्य - Aapko dimag chahiye ya bhagya

Dimag chahiye ya bhagya. दिमाग चाहिए या भाग्य? Need Brains or luck?

प्रिय मित्र क्या आपने जिन्दगी में कभी इस विषय पर विचार किया है की दिमाग बड़ा है या भाग्य. अगर आप इस बारे में मेरी राय जानना चाहे तो मैं भाग्य को ही अपना मत दूंगा. क्योकि मैंने अक्सर दिमाग वालो को किस्मत वालो के यहाँ काम करते देखा है.
 

आपने एक बात बहुत बार सुनी होगी की “समय से पहले और भाग्य से ज्यादा कुछ भी नहीं मिलता”. इस बात से आप समझ गए होंगे की बिना भाग्य केवल दिमाग द्वारा कुछ भी हासिल नहीं किया जा सकता है.

आपने देखा भी होगा की जब कोई इन्सान किसी कार्य को करता है और वो उसे करने में सफल हो जाता है तो वो अपनी या अपने दिमाग की सराहना करता है वो बार – बार यही कहता है की इसे मैंने किया.

लेकिन जब कोई इन्सान किसी कार्य के लिए पूरी मेहनत करें और फिर भी अपने कार्य में असफल हो जाएँ तो अपने भाग्य का दोष निकलता है.

मेरे विचार से यदि आप अपने दिमाद का 100% प्रयोग करके कोई कार्य करें किन्तु यदि भाग्य साथ नहीं है तो किया गया कार्य व्यथा जाएगा। लेकिन यदि कार्य कुछ न भी करें , तो भी यदि भाग्य प्रबल है तो व्यक्ति को , धन , दौलत, अच्छी नौकरी , चाहने वाले और शोहरत सब कुछ छप्पर फाड़ कर मिल ही जाता है ।

वैसे आपका क्या विचार है ? यदि आपकी जिन्दगी में कभी दिमाग और भाग्य में से किसी एक को चुनने का अवसर मिले तो आप किसे चुनोगे.

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